नात लिरिक्स

Sajao Ghar Gali Kooche Muhammad Mustafa Aaye

सजाओ घर गली कूचे मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: सय्यिद नूर गीलानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरे सरकार आते हैं, मेरे सरकार आते हैं

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आएखिली कलियाँ, खिले ग़ुंचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

मेरे आक़ा आ गए, मेरे दाता आ गएमेरे साइयाँ आ गए, प्यारे आक़ा आ गए

ज़मीन-ओ-आसमाँ तक नूर फैला उन की आमद है

आक़ा की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !ताहा की आमद ! मरहबा !यासीं की आमद ! मरहबा !

ज़मीन-ओ-आसमाँ तक नूर फैला उन की आमद हैकि रहमत के हुए साए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

आमिना का ला'ल आया, आमिना का ला'ल आयाआमिना का ला'ल आया, आमिना का ला'ल आया

ग़ुलामों बा-अदब हो कर करो ज़िक्र-ए-नबी सारेकि ख़त्म-ए-मुर्सलाँ आए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

मनाओ जश्न नादारो ! तुम्हारे ग़म-गुसार आएहुज़ूर आए, हुज़ूर आए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

मेरे आक़ा आ गए, मेरे दाता आ गएमेरे साइयाँ आ गए, प्यारे आक़ा आ गए

मलाइक क़ुदसियो ! तुम को बशारत हो, मुबारक होइमाम-उल-अंबिया आए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

आमिना का ला'ल आया, आमिना का ला'ल आयाआमिना का ला'ल आया, आमिना का ला'ल आया

हों आँखें बंद और उन के रुख़-ए-अनवर को देखूं, नूर !कहीं से ये निदा आए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए

मेरे आक़ा आ गए, मेरे दाता आ गएमेरे साइयाँ आ गए, प्यारे आक़ा आ गए

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