नात लिरिक्स

Sab Nazare Huzoor Aap Ke Hain

सब नज़ारे हुज़ूर आप के हैं

नात ख़्वान: राओ हस्सान अली असदशायर: हनीफ़ क़मर अबदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आक़ा मेरे आक़ा ! आक़ा मेरे आक़ा !आक़ा मेरे आक़ा ! आक़ा मेरे आक़ा !

आक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आक़ा !

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैंचाँद-तारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

हम ग़ुलामों को ख़ौफ़ क्यूँ होगाजब सहारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

क्यूँ न होता ये चाँद दो टुकड़े

चाँद दो टुकड़े हो जाता है, जब आक़ा करें इशारामुझ बेकस 'आसी फ़क़ीर को बस आक़ा का है सहारा

क्यूँ न होता ये चाँद दो टुकड़ेजब इशारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

आक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आक़ा !

फ़ातिमा-ओ-'अली, हुसैन-ओ-हसननूर सारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

आक़ा मेरे आक़ा ! आक़ा मेरे आक़ा !

ख़ौफ़ क्यूँ होगा डूबने का हमेंसब किनारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

आप हैं आसरा ग़रीबों काग़म के मारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

क़मर ! घर जिस ने सारा वार दियावो दुलारे, हुज़ूर ! आप के हैं

सब नज़ारे, हुज़ूर ! आप के हैं

आक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आक़ा !

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