नात लिरिक्स

Raunaq-e-Kul-Auliya Ya Ghous-e-Azam Dastagir

रौनक़-ए-कुल-औलिया या ग़ौस-ए-आज़म दस्तगीर

नात ख़्वान: मौलाना बिलाल रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रौनक़-ए-कुल-औलिया, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !पेशवा-ए-अस्फ़िया, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

आप हैं पीरों के पीर और आप हैं रौशन-ज़मीरआप शाह-ए-अत्क़िया, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

औलिया की गर्दनें हैं आप के ज़ेर-ए-क़दमया इमाम-अल-औलिया ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

थरथराते हैं, शहा ! जिन्नात तेरे नाम सेहै तेरा वो दबदबा, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

पैदा होते ही रखे रमज़ाँ में रोज़े, दिन में दूधका न इक क़तरा पिया, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

जिस तरह मुर्दे जिलाए, इस तरह, मुर्शिद ! मेरेमुर्दा दिल को भी जिला, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

अहल-ए-महशर देखते ही हश्र में यूँ बोल उठेमरहबा सद-मरहबा ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

आप जैसा पीर होते क्या ग़रज़ दर दर फिरूँआप से सब कुछ मिला, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

गो ज़लील-ओ-ख़्वार हूँ, बद-कार-ओ-बद-किरदार हूँआप का हूँ आप का, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

रास्ता पुर-ख़ार, मंज़िल दूर, बन सुनसान हैअल-मदद, ऐ रहनुमा ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

ग़ौस-ए-आ'ज़म ! आइए मेरी मदद के वासितेदुश्मनों में हूँ घिरा, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

आफ़तें भी दूर हों, रंज-ओ-बला काफ़ूर होंअज़-तुफ़ैल-ए-मुस्तफ़ा, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

इज़्न दो बग़दाद का हर इक 'अक़ीदत-मंद कोग्यारहवीं वाले पिया ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

मीठे मुर्शिद ! हाज़िरी को इक ज़माना हो गयादर पे फिर मुझ को बुला, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

मेरे मीठे मीठे मुर्शिद ! आइए ना ख़्वाब मेंवास्ता सरकार का, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

अपनी उल्फ़त की पिला कर मय मुझे, या मुर्शिदी !मस्त और बे-ख़ुद बना, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

लम्हा लम्हा बढ़ रहा है, हाए ! 'इस्याँ का मरज़दीजिए मुझ को शिफ़ा, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

मुर्शिदी ! मुझ को बना दे तू मुरीद-ए-मुस्तफ़ाअज़-प-ए-अहमद रज़ा, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

अपने रब से मुस्तफ़ा का ग़म दिला दे, मुर्शिदी !हाथ उठा के कर दु'आ, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

अब सिरहाने आओ, मुर्शिद ! और मुझे कलमा पढ़ाओदम लबों पर आ गया, या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

है यही 'अत्तार की हाजत मदीने में मरेहो 'इनायत, सय्यिदा ! या ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

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