नात लिरिक्स

Rab Ki Inayat Hai Ramzan

रब की इनायत है रमज़ान

नात ख़्वान: मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीशायर: मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

माह-ए-रमज़ाँ आया है, रब की रहमत लाया हैअब्र-ए-करम का साया है, माह-ए-रमज़ाँ आया है

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

ईमाँ की ताक़त है रमज़ानसीनों की राहत है रमज़ानमौला की रहमत है रमज़ानहर लम्हा बरकत है रमज़ान

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

रब की मोहब्बत है रमज़ानमाह-ए-'इबादत है रमज़ानफ़ुक़रा की सरवत है रमज़ानमोमिन की दौलत है रमज़ान

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

इस्लाम की क़ुव्वत है रमज़ानऔर दीं की शौकत है रमज़ानकैसी ये ने'मत है रमज़ानहाँ बाब-ए-जन्नत है रमज़ान

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

शैताँ की ज़िल्लत है रमज़ाननेकों की 'इज़्ज़त है रमज़ानअल्लाह की मिन्नत है रमज़ानज़ेहनों की फ़रहत है रमज़ान

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

हर माह पे फ़ज़ीलत है रमज़ानपाई जो सियादत है रमज़ानये माह-ए-रियाज़त है रमज़ानअल्लाह से क़ुर्बत है रमज़ान

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

कुंजी-ए-स'आदत है रमज़ाननेकी की हिदायत है रमज़ानबेबस की हिमायत है रमज़ानफ़ानी की नुज़हत है रमज़ान

रब की 'इनायत है रमज़ानबंदों की ज़ीनत है रमज़ान

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