नात लिरिक्स

Hamare Ban Ko Nabi Lalazar Kar Denge

हमारे बन को नबी लाला-ज़ार कर देंगे

नात ख़्वान: मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीशायर: मुफ़्ती राशिद अली अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हमारे बन को नबी लाला-ज़ार कर देंगेख़ज़ाँ को अपने करम से बहार कर देंगे

ख़ुसूसी फ़ज़्ल-ओ-करम शहरयार कर देंगेदिखा के जल्वा हमें बे-क़रार कर देंगे

निगाह डाल के अपनी वो नूर वाले नबीसियाह ज़र्रों को भी आब-दार कर देंगे

लगाओ दिल को विला-ए-हुज़ूर-ए-वाला मेंवो दिल से दूर ग़म-ए-रोज़गार कर देंगे

बलाएँ कुछ न बिगाड़ेंगी उन के होते हुएवो मेरे गिर्द करम का हिसार कर देंगे

वो नूर वाले नबी अपनी नूरी किरनों सेलहद में आ के इसे नूर-बार कर देंगे

गुनाहगारो ! चले आओ पुल-सिरात पे तुमवो पल में पुल से ग़ुलामों को पार कर देंगे

हर एक रज़्म में असहाब दिल से कहते थेहम उन के नाम पे जाँ को निसार कर देंगे

इशारा कर के वो बाद-ए-ख़िलाफ़ को, बुरहाँ !हमारे हक़ में उसे साज़गार कर देंगे

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