नात लिरिक्स

Pyare Nabi Ki Aankh Ke Tare Hussain Hain

प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैं

नात ख़्वान: मौलाना बिलाल रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

प्यारे नबी की आँख के तारे हुसैन हैंमौला 'अली के राज-दुलारे हुसैन हैं

दिल को क़रार मिलता है नाम-ए-हुसैन सेवल्लाह हम को जान से प्यारे हुसैन हैं

रौशन कि जिन से 'इश्क़-ओ-वफ़ा की तमाम राहचश्म-ए-तलब में ऐसे मिनारे हुसैन हैं

वो 'अज़्म हौसला है कि जिस की नहीं मिसालसब्र-ओ-रिज़ा के बाब में न्यारे हुसैन हैं

ज़ालिम यज़ीद मिट गया, ज़िंदा रहे हुसैनये सोचना ग़लत है कि हारे हुसैन हैं

कोई कमी हुसैन में मुमकिन हो किस तरहजब दस्त-ए-मुस्तफ़ा के सवारे हुसैन है

वो कौन है जो जान है इस्लाम की, 'उबैद !प्यारे हुसैन हैं, मेरे प्यारे हुसैन हैं

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