नात लिरिक्स

Pyar Da Ay Rishta Har Saal Manana Ay | Jashn-e-Milad Asan Gajj Wajj Ke Manana Ay

प्यार दा ए रिश्ता हर साल निभाना ए | जश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

नात ख़्वान: क़ारी शाहिद महमूद क़ादरीशायर: सोहैल कलीम फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !

आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !ज़रा झूम के बोलो ! मरहबा !ज़रा प्यार से बोलो ! मरहबा !ज़रा झूम झूम के, प्यार प्यार सेबोलो बोलो बोलो बोलो ! मरहबा !

प्यार दा ए रिश्ता हर साल निभाना एजश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

मँगिए की रब तों हुण थोड़ नहीं कोई, लोको !माल ते दौलत दी सानूँ लोड़ नहीं कोई, लोको !मिल गया प्यार ओह्दा कीह होर कमाना ए

जश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

प्यार दा ए रिश्ता हर साल निभाना एजश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

लोकी विक जांदे एह शान वी ओह्दी एजिंद दी कोई गल नईं एह जान वी ओह्दी एसब कुझ असाँ मदनी आक़ा तों लुटाना ए

जश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

प्यार दा ए रिश्ता हर साल निभाना एजश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

पावें लाए फ़त्वे ते पावें टोक दी रेहपावें लख वारी एह दुनिया रोक दी रेहजश्न दा मौक़ा' ए असाँ घर नूँ सजाना ए

जश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

प्यार दा ए रिश्ता हर साल निभाना एजश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

कोई ते कम चँगा इस दुनिया ते कर जाइएक्यूँ न, फ़ारूक़ी ! ओह्दे असाँ 'इश्क़ च मर जाइएउँज वी ते इक दिन असाँ इस दुनिया तों जाना ए

जश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

प्यार दा ए रिश्ता हर साल निभाना एजश्न-ए-मीलाद असाँ गज वज के मनाना ए

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !

आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !ज़रा झूम के बोलो ! मरहबा !ज़रा प्यार से बोलो ! मरहबा !ज़रा झूम झूम के, प्यार प्यार सेबोलो बोलो बोलो बोलो ! मरहबा !

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