नात लिरिक्स

Phaila Hai Chaaro Samt Andhera Mere Huzoor, Lillah Ab To Keeje Ujaala Mere Huzoor

फैला है चारो सम्त अँधेरा मेरे हुज़ूर, लिल्लाह अब तो कीजे उजाला मेरे हुज़ूर

नात ख़्वान: असद इक़बालउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फैला है चारो सम्त अँधेरा, मेरे हुज़ूर !लिल्लाह ! अब तो कीजे उजाला, मेरे हुज़ूर !डूबे न बहर-ए-ग़म में सफ़ीना, मेरे हुज़ूर !दिखलाइए ख़ुदारा मदीना, मेरे हुज़ूर !

उम्मत की कितनी फ़िक्र है ज़हरा बतूल कोबख़्शिश की कितनी चाह है बिन्त-ए-रसूल कोभीगा है आँसूओं से मुसल्ला, मेरे हुज़ूर !लिल्लाह ! अब तो कीजे उजाला, मेरे हुज़ूर !

डूबे न बहर-ए-ग़म में सफ़ीना, मेरे हुज़ूर !दिखलाइए ख़ुदारा मदीना, मेरे हुज़ूर !

बन कर नजिस वो पैदा हुए हैं जहान मेंकुत्ते जो भौंकते हैं सहाबा की शान मेंकर दें 'अली अब उन का सफ़ाया, मेरे हुज़ूर !लिल्लाह ! अब तो कीजे उजाला, मेरे हुज़ूर !

डूबे न बहर-ए-ग़म में सफ़ीना, मेरे हुज़ूर !दिखलाइए ख़ुदारा मदीना, मेरे हुज़ूर !

आईन-ए-ज़िंदगी का वो दर खोलने लगेशम्स-ओ-क़मर भी चुपके से ये बोलने लगेहो जाए काश फिर से इशारा, मेरे हुज़ूर !लिल्लाह ! अब तो कीजे उजाला, मेरे हुज़ूर !

डूबे न बहर-ए-ग़म में सफ़ीना, मेरे हुज़ूर !दिखलाइए ख़ुदारा मदीना, मेरे हुज़ूर !

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