नात लिरिक्स

Nai Duniya Basaunga Nabi Ke Shahar Mein Ja Kar

नई दुनिया बसाऊँगा नबी के शहर में जा कर

नात ख़्वान: उस्मान रज़ा हारूनीशायर: उस्मान रज़ा हारूनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नई दुनिया बसाऊँगा नबी के शहर में जा करमैं ख़ुद को भूल जाऊँगा नबी के शहर में जा कर

बचा कर इस लिए आँसू रखे हैं अपनी आँखों मेंइन्हें तो बस बहाऊँगा नबी के शहर में जा कर

मेरे सरकार ने जिन पत्थरों पर पाँव रक्खे हैंउन्हें सर पर उठाऊँगा नबी के शहर में जा कर

मुक़द्दर ले गया, 'उस्मान हारूनी ! जो दोबाराकभी वापस न आऊँगा नबी के शहर में जा कर

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