नात लिरिक्स

Nabi-e-Akram Shafi-e-Azam Dukhi Dilon Ka Payam Le Lo

नबी-ए-अकरम शफ़ी-ए-आज़म दुखी दिलों का पयाम ले लो

नात ख़्वान: ताबिश रेहानशायर: क़ारी मुहम्मद तय्यबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबी-ए-अकरम शफ़ी'-ए-आ'ज़म ! दुखी दिलों का पयाम ले लोतमाम दुनिया के हम सताए, खड़े हुए हैं सलाम ले लो

शिकस्ता कश्ती, है तेज़ धारा, नज़र से रू-पोश है किनारानहीं कोई ना-ख़ुदा हमारा, ख़बर तो 'आली मक़ाम ले लो

क़दम क़दम पे है ख़ौफ़-ए-रहज़न, ज़मीं भी दुश्मन, फ़लक भी दुश्मनज़माना हम से हुआ है बद-ज़न, तुम्हीं मोहब्बत से काम ले लो

कभी तक़ाज़ा वफ़ा का हम से, कभी मज़ाक़-ए-ज़फ़ा है हम सेतमाम दुनिया ख़फ़ा है हम से, ख़बर तो ख़ैर-उल-अनाम ! ले लो

ये कैसी मंज़िल पे आ गए हैं, न कोई अपना, न हम किसी केतुम अपने दामन में आज, आक़ा ! तमाम अपने ग़ुलाम ले लो

ये दिल में अरमाँ है अपने, तय्यब ! मज़ार-ए-अक़्दस पे जा के इक दिनसुनाऊँ उन को मैं हाल दिल का, कहूँ मैं उन से सलाम ले लो

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