नात लिरिक्स

Naat Padhne Ki Aadat Hai Jo Naat Padhne Ki Aadat Rahegi

नात पढ़ने की आदत है जो नात पढ़ने की आदत रहेगी

नात ख़्वान: शोऐब रज़ा क़ादरी झाँसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ना'त पढ़ने की 'आदत है जो, ना'त पढ़ने की 'आदत रहेगीछूटता है तो छूटे कोई, मुस्तफ़ा से मोहब्बत रहेगी

उन से हट कर किधर जाएँगे, उन को छोड़ा तो मर जाएँगेमुस्तफ़ा के करम की हमें हर जगह पे ज़रुरत रहेगी

हुस्न दुनिया का बर्बाद है, जिस का दिल इस से आबाद हैसिर्फ़ आक़ा को दिल में बसा, ज़िंदगी ख़ूबसूरत रहेगी

बद्र के और उहुद के शहीद, सब मनाएँगे महशर में 'ईदहर शहादत पे भारी मगर कर्बला की शहादत रहेगी

'इश्क़ का आप इक फूल हैं, जान-ए-रहमत के मक़बूल हैंधूम तो अब क़यामत-तलक आप की, आ'ला हज़रत ! रहेगी

न मुसीबत कोई आएगी और ग़ुर्बत कभी आएगीघर के आँगन में जब तक मेरी माँ के क़दमों की बरकत रहेगी

पारसा हो या ज़ालिम बने, कोई शो'ऐब ! हाकिम बनेहिन्द में ख़्वाजा-ए-हिन्द की देख लेना हुकूमत रहेगी

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