नात लिरिक्स

Naat Ka Jaam Pilaya Hai Raza Khan Tum Ne

नात का जाम पिलाया है रज़ा ख़ाँ तुम ने

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: मौलाना क़ायम रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने'इश्क़-ए-आक़ा भी सिखाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

'इश्क़-ए-पाक-ए-शह-ए-अबरार का वो दर्स दियाख़ुल्द का रस्ता बताया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

'इल्म की प्यास बुझाई है जहाँ से सब ने'इल्म का दरिया बहाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

हिन्द में नाइब-ए-जीलाँ का लक़ब तुम को मिलाक़ादरी रंग चढ़ाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

जिस के साए से मिली सारे फ़क़ीहों को हयातइक शजर ऐसा लगाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

टूट कर गिर गया गुस्ताख़-ए-शह-ए-दीं का क़िला'जब भी ख़ामा को उठाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

अहल-ए-सुन्नत को ज़रुरत है, क़याम ! उन की फिरहर मसाइब से बचाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

ना'त का जाम पिलाया है, रज़ा ख़ाँ ! तुम ने

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