नात लिरिक्स

Mujh Ko Mili Hai Izzat Attar Ki Badaulat

मुझ को मिली है इज़्ज़त अत्तार की बदौलत

नात ख़्वान: अब्दुल हबीब अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुझ को मिली है 'इज़्ज़त 'अत्तार की बदौलतचमकी है मेरी क़िस्मत 'अत्तार की बदौलत

अपना बनाया मुझ को, सीने लगाया मुझ कोजो भी है मेरी वुक़'अत 'अत्तार की बदौलत

'अत्तार का मैं सग हूँ, समझो न दर-ब-दर हूँक्या ख़ूब मेरी निस्बत 'अत्तार की बदौलत

सर पर सजे 'अमामे, पुर-नूर दाढ़ियाँ हैंज़िंदा हुई है सुन्नत 'अत्तार की बदौलत

अल्लाह ! मुस्तफ़ा की, मेरे ग़ौस और रज़ा कीपैदा हो दिल में उल्फ़त 'अत्तार की बदौलत

बिगड़ी बना दे, मौला ! हर ग़म मिटा दे, मौला !पूरी हो मेरी हाजत 'अत्तार की बदौलत

है बिलाल-ए-क़ादरी की आख़िर यही तमन्नारौशन हो इस की तुर्बत 'अत्तार की बदौलत

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