नात लिरिक्स

Mubarak Ho Tum Sab Ko Hajj Ka Mahina | Madine Wale Se Mera Salam Kehna

मुबारक हो तुम सब को हज का महीना | मदीने वाले से मेरा सलाम कहना

नात ख़्वान: उमेर मुनीर क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुबारक हो तुम को ये सफ़र-ए-मदीनान थी मेरी क़िस्मत कि देखूँ मदीना

मदीने वाले से मेरा सलाम कहनामदीने वाले से मेरा सलाम कहना

अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्माअल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा

साहिल से आते आते मौजों को चूम लेनामौजों के बा'द दिलकश ज़र्रों को चूम लेना

उस पाक सर-ज़मीं की राहों को चूम लेनाफूलों को चूम लेना, काँटों को चूम लेना

सुल्तान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना

मदीने वाले से मेरा सलाम कहनामदीने वाले से मेरा सलाम कहना

अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्माअल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा

मदीने क़ाफ़िले जाते हैं मैं भी आऊँगाहुज़ूर कितने ही आते हैं मैं भी आऊँगा

चले सब यार फ़ी-अमानिल्लाहसू-ए-सरकार फ़ी-अमानिल्लाह

अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्माअल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा

ग़ुलाम आप के कितने ग़रीब हो कर भीग़ुलाम आते हैं जाते हैं, मैं भी आऊँगा

लया मदीने दा सब ने रस्तामैं एथे ई रह गया तरसदातूँ जा के आक़ा नूँ दस्त-बस्ताकवीं दरूद-ओ-सलाम मेरा, सलाम मेरा

सबा दर-ए-मुस्तफ़ा ते जा केकवीं दरूद-ओ-सलाम मेरा, सलाम मेरा

मदावा रंज-ओ-मुसीबत का है मदीने मेंमुझे भी लोग सताते हैं, मैं भी आऊँगा

हुज़ूर ! आप के जूद-ओ-सख़ा-ओ-लुत्फ़-ओ-करममेरी उम्मीद बँधाते हैं, मैं भी आऊँगा

मदीने वाले से मेरा सलाम कहनामदीने वाले से मेरा सलाम कहना

अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्माअल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा

ये क्या हुआ है उजागर को, आज महफ़िल मेंबस एक रट ही लगाते हैं मैं भी आऊँगा

चले सब यार फ़ी-अमानिल्लाहसू-ए-सरकार फ़ी-अमानिल्लाह

अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्माअल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा

कदी ते ततड़ी नूँ दे नज़ाराविखा दे ओ रौज़ा प्यारा प्यारामैं 'अर्ज़ कर दी हाँ सुन ख़ुदाराकवीं दरूद-ओ-सलाम मेरा, सलाम मेरा

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