नात लिरिक्स

Mere Mustafa Ka Hai Pyara Madina

मेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: सईद आक़िलउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

मदीना मदीना हमारा मदीनाहमें जान-ओ-दिल से है प्यारा मदीना

ख़ुदा गर क़यामत में फ़रमाए माँगोलगाएँगे दीवाने ना'रा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

जो इक बार देखे वो कहता है फिर येख़ुदाया ! दिखा दे दोबारा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

जहाँ पर पड़े हैं क़दम रहमतों केख़ुसा-बख़्त कितनी यहाँ की ज़मीं हैयहाँ संग-रेज़े भी ला'ल-ओ-गौहर हैंख़ुदा ने है ऐसा सँवारा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

हज़ारों शहर हैं ख़ुदा की ज़मीं परमगर इस क़दर वो हसीं तो नहीं हैंजहाँ पर है रौज़ा मेरे मुस्तफ़ा कावो जन्नत से बढ़ कर है सारा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

गुनहगार हैं तो कोई ग़म नहीं हैहमारा है वो, हम बे-वारिस नहीं हैंबड़े फ़ख़्र से तेरे कहते हैं 'आशिक़हमारा है आक़ा, हमारा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

वो देखी हों जिस ने मदीने की गलियाँजहाँ मेरे आक़ा के नक़्श-ए-क़दम हैंतलब हुस्न-ए-दुनिया की उस को नहीं फिरकि आँखों में जिस ने उतारा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

सना-ख़्वान हूँ मैं हबीब-ए-ख़ुदा काकि मुझ पर ख़ुदा का बड़ा ही करम हैमेरा रिज़्क़, 'आक़िल ! है ना'त-ए-मुहम्मदमेरी ज़िंदगी का गुज़ारा मदीना

कि रू-ए-ज़मीं पर जो सब से हसीं हैमेरे मुस्तफ़ा का है प्यारा मदीना

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