नात लिरिक्स

Mere Liye Mere Aaqa Ne Baat Ki Hui Hai

मेरे लिये मेरे आक़ा ने बात की हुई है

शायर: इफ़्तिख़ार आरिफ़उपलब्ध: हिंदी

दिलो-निगाह की दुनिया नई नई हुई हैदुरूद पढ़ते ही ये कैसी रौशनी हुई है

मैं बस युहीं तो नहीं आ गया हूं महफ़िल मेंकहीं से इज़्न मिला है तो हाज़री हुई है

ये सर उठाए जो मैं जा रहा हूं जानिबे-ख़ुल्दमेरे लिये मेरे आक़ा ने बात की हुई है

रज़ा पुल से अब वज्द करते गुज़रियेमेरे लिये मेरे आक़ा ने बात की हुई है

क्यूं न पलड़ा तेरे आ'माल का भारी हो नसीरतेरे लिये तेरे आक़ा ने बात की हुई है

ब-रोज़े महशर, ब-वक़्ते-पुर्सिश मुझे जो देखा फ़रिश्ते बोलेतेरे लिये तेरे आक़ा ने बात की हुई है

दोज़ख में मैं तो क्या ! मेरा साया न जाएगामेरे लिये मेरे आक़ा ने बात की हुई है

ऐ फ़रिश्तो ! मेरे आ'माल न तोलो ठेहरोमेरे लिये मेरे आक़ा ने बात की हुई है

मुझे यक़ीन है वो आएँगे वक़्ते-आख़िर भीमैं कह सकूंगा ज़ियारत अभी अभी हुई है

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