नात लिरिक्स

Mera Murshid Sohna

मेरा मुर्शिद सोहणा

नात ख़्वान: क़ारी शाहिद महमूदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणामेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

मैं नीवाँ मेरा मुर्शिद उच्चा, उचियाँ दे संग लाईसदक़े जावाँ इनाँ उचियाँ तों जिन्हाँ नीवियाँ नाल निभाई

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणामेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

दर मुर्शिद दा ख़ाना-ए-का'बाहज्ज ज़रूरी करिएतक़वा रख महबूबाँ वालाचल दवारा मलिए

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणामेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

बेशक मेरे 'अमल ने थोड़े, वेख लो निस्बत मेरीमँगतियाँ नूँ सुलतान बणावे दाता 'अली हजवेरी

मेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणामेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणा

गँज-बख़्श-ए-फ़ैज़-ए-'आलम मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदानाक़िसाँ रा पीर-ए-कामिल, कामिलाँ रा रहनुमा

मेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणामेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणा

इट्ट खड़क्के, दुक्कड़ वजे, तत्ता होवे चुल्ल्हाआण फ़क़ीर ते खा खा जावण, राज़ी होवे बुल्ल्हा

बुल्ल्हे शाह सोहणा, बुल्ल्हे शाह सोहणाबुल्ल्हे शाह सोहणा, बुल्ल्हे शाह सोहणा

अलिफ़ - अल्लाह चम्बे दी बूटीमुर्शिद मन विच लाई हूनफ़ी अस्बात दा पाणी मिल्याहर रगे हर जाई हूअँदर बूटी मुश्क मचायाजान फुलण ते आई हूजीवे मुर्शिद कामिल बाहूजें ए बूटी लाई हू

हक़ बाहू सोहणा, हक़ बाहू सोहणाहक़ बाहू सोहणा, हक़ बाहू सोहणा

मैं कोजा, ते रज के कोजा, कोजा जीवें हनेरातू सोहणा ते रज के सोहणा, सोहणा जीवें सवेरा

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणामेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

जो कोई जिस दा 'आशिक़ होंदा ओसे दी गल कर दासो सो मकर बहाने कर के ओधे ए मरने मर दा

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणामेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

जिस दिल अँदर 'इश्क़ न रचिया कुत्ते उस तो चँगेमालिक दे दर राखी कर दे, साबिर, भुख्खे नँगेमालिक दा दर नैयों छड़ दे, पावें मारो सो सो जुत्तेउठ, बुल्हेया ! चल यार मना ले, नैं ते बाज़ी ले गए कुत्ते

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणामेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

ग़ौस-ए-'आज़म सोहणा, ग़ौस-ए-'आज़म सोहणाग़ौस-ए-'आज़म सोहणा, ग़ौस-ए-'आज़म सोहणा

पीराँ दा पीर सोहणा, पीराँ दा पीर सोहणापीराँ दा पीर सोहणा, पीराँ दा पीर सोहणा

सिद्दीक़-ए-अकबर सोहणाफ़ारूक़-ए-'आज़म सोहणा'उस्मान-ए-ग़नी सोहणामौला 'अली सोहणाचार यार सोहणेपंज-तन पाक सोहणेमौला हसन सोहणामौला हुसैन सोहणा

मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणामदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा

ज़ुल्फ़ दी हर हर कुंडल उत्ते 'आशिक़ दा दिल डोलेसूरत आप दी वेख के, आक़ा ! काफ़िर कलमा बोले

मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणामदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा

मुख चँद बदर शा'शानी एमथे चमके लाट नुरानी एकाली ज़ुल्फ़ ते अख मस्तानी एमख़्मूर अखीं हेन मद भरियाँ

इस सूरत नूँ मैं जान आखाँजानान के जान-ए-जहान आखाँसच आखाँ ते रब्ब दी शान आखाँजिस शान तो शानाँ सब बनियाँ

सुब्हानल्लाह मा अज्मलकामा अह़सनका, मा अकमलकाकिथ्थे मेहर 'अली, किथ्थे तेरी सनागुस्ताख़ अख्खीं किथ्थे जा अड़ियाँ

मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणामदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा

ख़स ख़स जिन्नाँ क़द्र न मेरा, साहिब नूँ वडियाइयाँमैं गलियाँ दा रूड़ा कूड़ा, महल चढ़ाया साइयाँ

मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणामदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा

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