दुनिया में मुझे जो भी मिला, जितना मिला हैसब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
घुट्टी में मुझे मिदहत-ए-सरकार मिली हैहोटों पे तभी सय्यिद-ए-आलम की सना है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
दिन-रात ये वीरानों से वीरान थे मेरेअब गुलशन-ए-उम्मीद का हर फूल खिला है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
सुन्नी हूँ मैं चिश्ती हूँ, सना-ख़्वान-ए-नबी हूँक्या क्या मेरी तक़दीर में ख़ालिक़ ने लिखा है !
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
माँ-बाप के उट्ठे हुए हाथों की बदौलतदेखो मेरे मालिक ने मुझे कितना दिया है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
याद आए वफ़ा माँ की तो बह जाते हैं आँसूदर-अस्ल ये सरकार की सुन्नत से वफ़ा है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
अजमल ! मैं हूँ सग सय्यिदा-ज़हरा के सगों कादिल में मेरे हसनैन की अम्माँ की हया है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ ! प्यारी माँ ! मेरी माँ ! प्यारी माँ !
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