नात लिरिक्स

Mera Gada Mera Mangta Mera Ghulaam Aae

मेरा गदा मेरा मँगता मेरा ग़ुलाम आए

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरा गदा, मेरा मँगता, मेरा ग़ुलाम आएख़ुदा करे, कभी तयबा से ये पयाम आए

दुरूद-ए-सय्यिद-ए-कौनैन के वसीले सेमेरी ज़ुबान पे, आक़ा ! तेरा ही नाम आए

मैं इस यक़ीन से आया हूँ उन के रौज़े सेवो फिर कहेंगे कि वापस मेरा ग़ुलाम आए

मैं देखता ही रहूँ बस तुम्हारे रौज़े कोजनाब-ए-ज़हरा के सदक़े में ऐसी शाम आए

ग़ुलाम-ए-ज़हरा हूँ, मैं तो 'अली का नौकर हूँहमेशा पंज-तनी निस्बत ही मेरे काम आए

हसन हुसैन का देता हूँ वास्ता उन कोफ़क़ीर-ए-आल-ए-मुहम्मद में मेरा नाम आए

हसन हुसैन का देता है वास्ता मिस्कींफ़क़ीर-ए-आल-ए-मुहम्मद में मेरा नाम आए

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