नात लिरिक्स

Maslak Ka Tu Imam Hai Ilyas Qadri

मस्लक का तू इमाम है इल्यास क़ादरी

नात ख़्वान: जुनैद शैख़ अत्तारीशायर: मुफ़्ती बदर-उल-क़ादरी रज़वी मिस्बाहीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मस्लक का तू इमाम है, इल्यास क़ादरी !तदबीर तेरी ताम है, इल्यास क़ादरी !

फ़िक्र-ए-रज़ा को कर दिया 'आलम पे आशकारये तेरा ऊँचा काम है, इल्यास क़ादरी !

सरमस्ती-ए-रज़ा की हर 'आलम में धूम हैसाक़ी-ए-दौर-ए-जाम है, इल्यास क़ादरी !

सुन्नत की ख़ुश्बूओं से ज़माना महक उठाफ़ैज़ान तेरा आम है, इल्यास क़ादरी !

अमरीका, यूरप, एशिया, अफ़्रीक़ा हर ज़मींकरती तुझे सलाम है, इल्यास क़ादरी !

तन्हा चला तू साथ तेरे हो गया जहाँमीठा तेरा कलाम है, इल्यास क़ादरी !

सर पर 'अमामा, माथे पे सज्दों का नूर हैजो भी तेरा ग़ुलाम है, इल्यास क़ादरी !

है बदर-ए-रज़वी भी तेरे किरदार का असीरइस का तुझे सलाम है, इल्यास क़ादरी !

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