नात लिरिक्स

Mangton Ko Jo Mila Hai, Zahra ! Teri Gali Mein

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

नात ख़्वान: हाफ़िज़ मुहम्मद अली सोहरवर्दीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली मेंहर मर्ज़ की दवा है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

रूमी से ले के जामी, करनी, बिलाल-ए-हब्शीआक़ा का हर गदा है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

जन्नत है उस पे लाज़िम, तेरे वसीले से जोमाँगेगा हर दु'आ है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

दाता 'अली वली सब, मेहर-ए-'अली को देखोहर पीर ही झुका है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

बाज़ू कटा के फिर भी परचम बचा लिया है'अब्बास की वफ़ा है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

जो न मिले कहीं से रोने से वो भी देखोमिलता है ये सुना है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

ए काश ! कोई उन से कह दे ये जा के नुसरतकुत्ता था मर गया है, ज़हरा ! तेरी गली में

मँगतों को जो मिला है, ज़हरा ! तेरी गली में

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