नात लिरिक्स

Sada Gyarahwin Hum Manate Rahenge | Sada Gyarvi Hum Manate Rahenge

सदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी औरशायर: मुहम्मद 'आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग्यारहवीं वाले ! मेरे ग्यारहवीं वाले !ग्यारहवीं वाले ! मेरे ग्यारहवीं वाले !

इमदाद कुन, इमदाद कुनअज़ बंदे ग़म आज़ाद कुनदर दीन-ओ-दुनिया शाद कुनया ग़ौस-ए-आ'ज़म दस्त-गीर !

मनाक़िब की महफ़िल सजाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगेनियाज़-ए-अक़ीदत दिलाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

वो ग़ौस-उल-वरा जो 'अता-ए-नबी हैंजो 'उश्शाक़ की जान और ज़िंदगी हैंकि हम माल उन पर लुटाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मनाक़िब की महफ़िल सजाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

वो ग़ौस-उल-वरा जो मुसीबत को टालेंपरेशान को अपने सीने लगा लेंउन्हें हाल दिल का सुनाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मनाक़िब की महफ़िल सजाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

हैं बग़दाद वाले सख़ावत में आ'लाकोई उन की चौखट से ख़ाली न लौटादर-ए-ग़ौस से फ़ैज़ पाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मनाक़िब की महफ़िल सजाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मनाते हैं जो ग्यारहवीं ख़ुश-दिली सेमोहब्बत जो करते हैं ग़ौस-ए-जली सेक़यामत तलक जगमगाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मनाक़िब की महफ़िल सजाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मेरे ग़ौस को रब ने बख़्शा वो रुत्बातिराई है कश्ती, किया मुर्दा ज़िंदाकरामत ये, 'आसिम ! सुनाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

मनाक़िब की महफ़िल सजाते रहेंगेसदा ग्यारहवीं हम मनाते रहेंगे

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