नात लिरिक्स

Main Qaum Ki Beti Hun, Main Parda Karti Hun

मैं क़ौम की बेटी हूँ, मैं पर्दा करती हूँ

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद 'आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मैं क़ौम की बेटी हूँ, मैं पर्दा करती हूँभगवा की नहीं परवाह, अल्लाह से डरती हूँ

अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !

तुम लाख डराओगे मुझ को, बे-ख़ौफ़ मैं होती जाऊँगीआँखों में डाल के मैं आँखें हर बातिल से टकराऊँगीमैं उम्म-ए-वहब की बेटी हूँ, ज़ैनब की शुजा'अत है मुझ मेंदुनिया के सभी कुफ़्फ़ार सुनें ख़ौला की भी हिम्मत है मुझ में

मैं क़ौम की बेटी हूँ, मैं पर्दा करती हूँभगवा की नहीं परवाह, अल्लाह से डरती हूँ

अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !

अल्लाह की इता'अत पर्दा है, सरकार की चाहत पर्दा हैईमाँ की हलावत पर्दा है, बे-शर्मी से नफ़रत पर्दा है'इज़्ज़त की हिफ़ाज़त पर्दा है, 'औरत की शराफ़त पर्दा हैइस्लाम से उल्फ़त पर्दा है, ज़हरा की हिदायत पर्दा है

मैं क़ौम की बेटी हूँ, मैं पर्दा करती हूँभगवा की नहीं परवाह, अल्लाह से डरती हूँ

अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !

मैं जान तो अपनी दे दूँगी, छोड़ूँगी न हरगिज़ मैं पर्दाशैतान के जो चेले हैं उन्हें कर के ही रहूँगी मैं रुस्वाइस्लाम ही सब से अफ़ज़ल है ये सारे जहाँ को बता दूँगीतकबीर के ना'रे से, 'आसिम ! दुनिया में हलचल मचा दूँगी

मैं क़ौम की बेटी हूँ, मैं पर्दा करती हूँभगवा की नहीं परवाह, अल्लाह से डरती हूँ

अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !

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