नात लिरिक्स

Man Kunto Maula

मन कुंतो मौला

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'अली इमाम-ए-मन-अस्त-ओ-मनम ग़ुलाम-ए-’अलीहज़ार जान-ए-गिरामी फ़िदा ब-नाम-ए-'अली

मन-कुंतो मौला, मन-कुंतो मौलाफ़-'अलीयुन मौला, फ़-'अलीयुन मौलामन-कुंतो मौला

मौला 'अली 'अली ! 'अली मौला !मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !'अली मौला ! मौला 'अली मौला !मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !मौला 'अली मौला !

मन-कुंतो मौला, मन-कुंतो मौला

अहल-ए-नज़र की आँख का तारा 'अली 'अलीअहल-ए-वफ़ा के दिल का सहारा 'अली 'अली

मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !'अली मौला ! मौला 'अली मौला !मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !

जो हुए का'बे में पैदा और शहादत पाई मस्जिद मेंख़ुदा के घर का वो मालिक, वो बशर यूँ भी और यूँ भी

'अली मौला ! मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !'अली मौला ! मौला 'अली मौला !मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !

आ'ज़म ! ये मग़्फ़िरत की सनद है हमारे पासहम हैं 'अली के और हमारा 'अली मौला

मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !

मन-कुंतो मौला, मन-कुंतो मौला

'अर्श-ए-आ'ज़म पे रसूल-ए-अज़ली लिक्खा हैडाली डाली पे 'अली और वली लिक्खा हैसब्ज़ पत्तों पे हसन और कली पर ज़हरासुर्ख़ फूलों पे हुसैन इब्न-ए-'अली लिक्खा है

'अली मौला ! मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !

मरहब का क़त्ल भी कोई ख़ैबर में क़त्ल थाफेंका था ज़ुल्फ़िक़ार का सदक़ा उतार के

मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !'अली मौला ! मौला 'अली मौला !मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !

हैदरियम क़लंदरम मस्तमबंदा-ए-मुर्तज़ा-'अली हस्तमपेशवा-ए-तमाम रिंदानमकि सग-ए-कू-ए-शेर-ए-यज़्दानम

'अली मौला ! मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !'अली मौला ! मौला 'अली मौला !मौला 'अली मौला ! मौला 'अली मौला !

मन-कुंतो मौलाफ़-'अलीयुन मौला, 'अली मौला

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