नात लिरिक्स

Main Qadri Deewana Main Qadri Mastana

मैं क़ादरी दीवाना मैं क़ादरी मस्ताना

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है रब्ब-ए-क़दीर कादामन है मेरे हाथ में पीरान-ए-पीर का

या पीर-ए-पीराँ ! अल-मददया मीर-ए-मीराँ ! अल-मददया शाह-ए-जीलाँ ! अल-मददया ग़ौस-उल-आ'ज़म ! अल-मदद

दीवाना दीवाना दीवानादीवाना दीवाना दीवाना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानाया ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

बग़दाद की गलियाँ हैं और 'उर्स का मेला हैलंगर जो यहाँ देखा, हम ने कहीं देखा ना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

बग़दादी फ़क़ीरों का ये हाल भी देखा हैमाहौल फ़क़ीराना, अंदाज़ है शाहाना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

जीलान के वाली तो सख़ियों के शहंशाह हैंभर देंगे तेरा दामन, बग़दाद चले आना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

वलियों के वली आए, मेरे ग़ौस-ए-जली आएमीराँ की सवारी है, आँखों को बिछा जाना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

मेरे ग़ौस के लहजे में रौशन है शरी'अत भीहर बात तरीक़त है, किरदार जुदा-गाना

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

मैं ग्यारहवीं की महफ़िल घर अपने सजाता हूँये तोहफ़ा उजागर का मंज़ूर हो, जानाना !

मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्तानामैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

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