नात लिरिक्स

Main Aasi Hun Magar Tu Hai Bada Gaffar Ya Allah

मैं आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार या अल्लाह

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीशायर: क़ासिम शाह बरेलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या अल्लाह ! या रहमान ! या रहीम !या करीम ! या हय्यु ! या क़य्यूम !

या अल्लाह ! या रहमान ! या रहीम ! या करीम !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !करम से अपने कर दे मेरा बेड़ा पार, या अल्लाह !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !

समा जाए मेरे दिल में मोहब्बत के तेरे जल्वेजिधर देखूँ नज़र आएँ तेरे अनवार, या अल्लाह !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !

रहूँ तेरी रिज़ा पर मैं हमेशा साबिर-ओ-शाकिरन दे दुनिया का कोई ग़म मुझे आज़ार, या अल्लाह !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !

फ़क़त इक तेरी रहमत है, मुझे जिस का सहारा हैमैं बेकस हूँ, नहीं कोई मेरा ग़म-ख़्वार, या अल्लाह !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !

तमन्ना है कि अपनी ज़िंदगी में देख लूँ फिर भीतेरे प्यारे तेरे महबूब का दरबार, या अल्लाह !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !

तेरे दरिया-ए-रहमत में हो तुग़्यानी प-ए-बख़्शिशहो क़ासिम हश्र में जब हाज़िर-ए-दरबार, या अल्लाह !

मैं 'आसी हूँ मगर तू है बड़ा ग़फ़्फ़ार, या अल्लाह !

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