नात लिरिक्स

Mah-e-Ramzan Hai | Jo Mahina Mahinon Ka Sultan Hai Mah-e-Ramzan Hai

माह-ए-रमज़ान है | जो महीना महीनों का सुलतान है माह-ए-रमज़ान है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अहमद रज़ा क़ादरीशायर: सुहैल कलीम फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा रमज़ान ! मरहबा रमज़ान !मरहबा रमज़ान ! मरहबा रमज़ान !

रहमतों वाला, बरकतों वाला, ने'मतों वाला महीना आ गया

जो महीना महीनों का सुलतान है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

जिस में नाज़िल हुआ रब का क़ुरआन है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

घड़ियाँ फिर आ गईं माह-ए-रमज़ान कीरंग रहमत का चारों-तरफ़ छा गयाअपने दामन में ले कर करम ही करमफिर महीना ये रमज़ान का आ गयाये महीना मुक़द्दस है, ज़ीशान है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

अपने बच्चों की उँगली पकड़ कर चलोजब भी कानों में गूँजे अज़ाँ की सदाइन को ता'लीम दो दीन-ए-इस्लाम कीइन को आदाब-ए-मस्जिद सिखाओ ज़रामान लो, लोगो ! जो हुक्म-ए-रहमान है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

वक़्त सहरी का हो या हो इफ़्तार काआने लगती है रहमत की ठंडी हवारोज़े-दारों पे होती है रब की 'अतापूरी करता है बंदे की मौला दु'आजिस महीने में बख़्शिश का सामान है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

दर्स देता है ये माह-ए-अक़्दस हमेंबेकसों, बे-सहारों की इमदाद कारब के बंदो ! सुनो, ख़ास मौक़ा' है येग़म-ज़दों, ग़म के मारों की इमदाद का'अर्श वाले का जो ख़ास एहसान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

रहमतों वाला, बरकतों वाला, ने'मतों वाला महीना आ गया

गर ख़ुदा की रज़ा चाहते हो तो फिरएहतिराम इस महीने का दिल से करोदिन को रोज़ा रखो, रात को शौक़ सेबा-जमा'अत नमाज़-ए-तरावीह पढ़ोकुछ ही दिन का जो, फ़ारूक़ी ! मेहमान है

माह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान हैमाह-ए-रमज़ान है, माह-ए-रमज़ान

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