नात लिरिक्स

Hazir Hain Tere Darbar Mein Hum | Allah Karam Allah Karam

हाज़िर हैं तेरे दरबार में हम | अल्लाह करम अल्लाह करम

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अहमद रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लब्बैक लब्बैक अल्लाहुम्म लब्बैकलब्बैक लब्बैक अल्लाहुम्म लब्बैक

हाज़िर हैं तेरे दरबार में हमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करमदेती है सदा ये चश्म-ए-नमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

जिन लोगों पे है इन'आम तेराउन लोगों में लिख दे नाम मेरामहशर में मेरा रह जाए भरमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

हाज़िर हैं तेरे दरबार में हमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

हर साल तलब फ़रमा मुझ कोहर साल वो शहर दिखा मुझ कोहर साल करूँ मैं तवाफ़-ए-हरमअल्लाह करम अल्लाह करम

हाज़िर हैं तेरे दरबार में हमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

हैबत से हर इक गर्दन ख़म हैहर आँख नदामत से नम हैहर चेहरे पे है अश्कों से रक़मअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

हाज़िर हैं तेरे दरबार में हमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

मेरी आने वाली सब नस्लेंतेरे घर आएँ, तेरा दर देखेंअसबाब हों उन को ऐसे बहमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

हाज़िर हैं तेरे दरबार में हमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करमदेती है सदा ये चश्म-ए-नमअल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

लब्बैक लब्बैक अल्लाहुम्म लब्बैकलब्बैक लब्बैक अल्लाहुम्म लब्बैक

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