नात लिरिक्स

Lo Chand Nazar Aaya Milad Mubarak Ho

लो चाँद नज़र आया मीलाद मुबारक हो

नात ख़्वान: क़ारी शाहिद महमूद क़ादरीशायर: वसीम अंसारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

आमद-ए-मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा !चेहरा-ए-वद्दुहा ! मरहबा मरहबा !ख़ातमुल-अंबिया ! मरहबा मरहबा !

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक होहै अब्र-ए-करम छाया, मीलाद मुबारक हो

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक हो

मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

बी आमिना के अँगना में आ गए हुज़ूर'आलम पे नूर बन कर है छा गए हुज़ूरवो रब की 'अता आए, हो सब को मुबारक हो

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक हो

आमद-ए-मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा !चेहरा-ए-वद्दुहा ! मरहबा मरहबा !ख़ातमुल-अंबिया ! मरहबा मरहबा !

ज़रा झूम के बोलो ! मरहबा !ज़रा प्यार से बोलो ! मरहबा !ज़रा ज़ोर से बोलो ! मरहबा !सब झूम के बोलो !

हर साल जश्न-ए-आक़ा यूँ ही मनाएँगेझंडे लगाएँगे, घर को सजाएँगेमहबूब-ए-ख़ुदा आए, हो सब हो मुबारक हो

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक हो

मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

पुर-नूर है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादतपर्दा उठा है किस का सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

रूह-उल-अमीं ने गाड़ा का'बे की छत पे झंडाता-'अर्श उड़ा फरेरा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आई नई हुकूमत, सिक्का नया चलेगा'आलम ने रंग बदला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक हो

मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

हम को तो भा गई हैं मीलाद की घड़ियाँदिल को लुभा रही हैं मीलाद की घड़ियाँआए हबीब आए, हो सब को मुबारक हो

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक हो

मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

दिल में नबी की चाहत तो बे-शुमार हैहम को, वसीम ! जश्न-ए-विलादत से प्यार हैरहमत ख़ुदा की लाए, हो सब को मुबारक हो

लो चाँद नज़र आया, मीलाद मुबारक हो

मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

आमद-ए-मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा !चेहरा-ए-वद्दुहा ! मरहबा मरहबा !ख़ातमुल-अंबिया ! मरहबा मरहबा !

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