नात लिरिक्स

Kyun Kar Na Hon Meyar-e-Sakha Fatima Zahra

क्यूँ कर न हों मेयार-ए-सख़ा फ़ातिमा ज़हरा

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदशायर: पीर नसीरुद्दीन नसीरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क्यूँकर न हों मे'यार-ए-सख़ा फ़ातिमा ज़हराहैं दुख़्तर-ए-महबूब-ए-ख़ुदा फ़ातिमा ज़हरा

हैं नूर-ए-मुहम्मद, ब-ख़ुदा ! फ़ातिमा ज़हरामहशर में हैं रहमत की घटा फ़ातिमा ज़हरा

मादर हैं वो ज़ैनब की, हुसैन और हसन कीहैं आल-ए-मुहम्मद की रिदा फ़ातिमा ज़हरा

पूछा जो किसी ने कि हैं ख़ातून-ए-जिनाँ कौन ?आहिस्ता से रिज़वाँ ने कहा, फ़ातिमा ज़हरा

एक एक नज़र हामिल-ए-सद-लुत्फ़-ओ-करम हैहैं वारिस-ए-फ़ैज़ान-ओ-'अता फ़ातिमा ज़हरा

नाम उन का है इक्सीर प-ए-रद्द-ए-बलिय्यातहैं दर्द की मेरे भी दवा फ़ातिमा ज़हरा

औसाफ़-ए-हमीदा में वो मुमताज़ हैं सब सेहैं जुमला ख़वातीं से जुदा फ़ातिमा ज़हरा

देती है वफ़ा-ए-हसनैन इस की शहादतहर लम्हा थीं राज़ी ब-रज़ा फ़ातिमा ज़हरा

अब तो है, नसीर ! उन से 'अक़ीदत का ये 'आलमहर हाल में है विर्द मेरा, फ़ातिमा ज़हरा

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।