नात लिरिक्स

Kya Haal-e-Dil Sunaana, Sarkaar Jaante Hain

क्या हाल-ए-दिल सुनाना, सरकार जानते हैं

नात ख़्वान: मुहम्मद आज़म क़ादरीशायर: तनवीरुल्लाह शाकिरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क्या हाल-ए-दिल सुनाना, सरकार जानते हैंमेरे दर्द का फ़साना, सरकार जानते हैं

यहाँ सब तड़प रहे हैं, वो जानते हैं लेकिनकब किस को है बुलाना, सरकार जानते हैं

ख़ामोश इस लिए थे, हैदर का था 'अक़ीदासूरज को मोड़ लाना, सरकार जानते हैं

चुप-चाप मैं मदीने ये सोच कर खड़ा थामाँगेगा क्या दीवाना, सरकार जानते हैं

जुर्मों पे भी हूँ नादिम, लेकिन मैं मुत्मइन हूँबद-कार को छुड़ाना, सरकार जानते हैं

शाकिर ! मलूल न हो, क्यूँ-कर क़बूल न होये ख़याल-ए-'आजिज़ाना सरकार जानते हैं

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