नात लिरिक्स

Kuchh Der To Baitho Ahl-e-Dil Hum Noor-e-Huda Ki Baat Karein

कुछ देर तो बैठो अहल-ए-दिल हम नूर-ए-हुदा की बात करें

नात ख़्वान: मुफ़्ती अनस यूनुसउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कुछ देर तो बैठो, अहल-ए-दिल !हम नूर-ए-हुदा की बात करेंसरकार-ए-दो-'आलम सल्ले-'अलामहबूब-ए-ख़ुदा की बात करें

वो जिन से मुनव्वर दोनों जहाँवो जिन से मिटी ज़ुल्मत शब कीतोहफ़े में जिन्हें क़ुरआन मिलाउन जान-ए-फ़िदा की बात करें

वश्शम्स है चेहरा-ए-अनवर औरवल्लैल हैं गेसू हज़रत केकौनैन की महफ़िल जिन से सजीवो सब से जुदा की बात करें

अलक़ाब मिले ताहा यासींमुज़म्मिल-ओ-मक्की-मदनी भीऔर उस्वा-ए-हसना जिस को कहाउस रब की सदा की बात करें

ग़म-ख़्वार हैं आक़ा उम्मत केसरदार-ए-'उला हैं जन्नत केवो रहमत-ए-'आलम नूर-ए-मुबींशफ़क़त की रिदा की बात करें

हो 'अज़मत-ओ-रिफ़'अत कैसे बयाँमे'राज तलक हैं जा पहुँचेहम साक़ी-ए-आब-ए-कौसर केअख़्लाक़-ओ-अदा की बात करें

हम जैसे गुनहगारों के लिएवो रब से सिफ़ारिश कर देंगेबहबूद की जो गूँजी है, फ़िज़ा !उस हक़ की निदा की बात करें

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