नात लिरिक्स

Aaqa Tere Aane Se Rang Badla Zamane Ka

आक़ा तेरे आने से रंग बदला ज़माने का

नात ख़्वान: मुफ़्ती अनस यूनुसउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आक़ा ! तेरे आने से रंग बदला ज़माने काहैबत से गिरा तेरी हर बुत बुत-ख़ाने का

तपती हुई रेतों पर पढ़े कलमा बिलाल तेराअंदाज़ निराला है तेरे हर परवाने का

जिस जिस को पिलाई है मेरे आक़ा ने हाथों सेवो भूल गया रस्ता हर इक मय-ख़ाने का

तू चूम ले तलवों को काफ़ूरी होंटों सेख़ुद रब ने सिखाया है अंदाज़ जगाने का

महबूब न ग़म करना सर-ए-हश्र तू उम्मत कामहशर तो बहाना है तेरी शान दिखाने का

जिस को भी मिला टुकड़ा हसनैन के नाना सेमँगता वो बना, साइर ! सुल्तान ज़माने का

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