नात लिरिक्स

Ki Ki Na Kita Yaar Ne Ik Yaar Waste

की की न कीता यार ने इक यार वास्ते

नात ख़्वान: अल-हाज ख़ुर्शीद अहमदशायर: मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

की की न कीता यार ने इक यार वास्तेरब महफ़िलाँ सजाइयाँ ने सरकार वास्ते

दिल याद लई बनाया ए, ता'रीफ़ लई ज़ुबाँअखियाँ बनाइयाँ सोहणे दे दीदार वास्ते

कइयाँ नूँ रोज़ होंदे नें दीदार आप देकई कई तरस दे रहंदे नें दीदार वास्ते

सदक़ा नबी दी आल दा बख़्शे ख़ुदा शिफ़ामँगो दु'आवाँ मेरे जए बीमार वास्ते

गुज़रे, नियाज़ी ! ज़िंदगी 'इश्क़-ए-नबी दे विचना'ताँ मैं पढ़ दा रहवाँ मिठन मँठार वास्ते

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