नात लिरिक्स

Kaun Hai Jo Ye Iltija Na Kare | Dil Ko Un Se Khuda Juda Na Kare With Tazmeen

कौन है जो ये इल्तिजा न करे | दिल को उन से ख़ुदा जुदा न करे तज़मीन के साथ

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कौन है जो ये इल्तिजा न करेकौन उन के लिए मरा न करेकौन रो रो के ये दु'आ न करेदिल को उन से ख़ुदा जुदा न करेबेकसी लूट ले ख़ुदा न करे

'इश्क़ का सर पे डाल कर के ग़िलाफ़बात अहल-ए-ख़िरद ये सुन लें साफ़काम है कौन सा शरा' के ख़िलाफ़इस में रौज़े का सज्दा हो कि तवाफ़होश में जो न हो वो क्या न करे

रात-दिन हम गुनह में डूबे हैंजुर्म जितने हैं सारे करते हैंफिर भी आक़ा करीम ऐसे हैंये वही हैं कि बख़्श देते हैंकौन इन जुर्मों पर सज़ा न करे

'इश्क़ ने कर दिया मुझे मशहूरउन की यादों से ज़ेहन है मा'मूरमुझ को इस बात पे है फ़ख़्र ज़रूरदिल में रौशन है शम'-ए-'इश्क़-ए-हुज़ूरकाश ! जोश-ए-हवस हवा न करे

ज़ख़्म सीने के सारे सीने कोजो यहाँ मर रहे थे जीने कोऐ वसी ! जाम-ए-'इश्क़ पीने कोले, रज़ा ! सब चले मदीने कोमैं न जाऊँ अरे ख़ुदा न करे

कलाम:इमाम अहमद रज़ा ख़ान

तज़मीन:सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वी

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