नात लिरिक्स

Karam Kar Do Mere Aaqa Khudara

करम कर दो मेरे आक़ा ख़ुदारा

नात ख़्वान: मुहम्मद रफ़ीक़ ज़िया क़ादरीशायर: मुहम्मद रफ़ीक़ ज़िया क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रासहारा दो, सहारा दो, सहारा

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रा

जो हर ग़म की दवा है, वो है नाम-ए-मुहम्मदमदद कुन या मुहम्मद, मदद कुन या मुहम्मदसदा देता है तन्हा ग़म का मारा

सहारा दो, सहारा दो, सहारा

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रा

मैं क्यूँ दुनिया में, आक़ा ! सहारे ढूँडता हूँतेरे होते हुए भी मैं अपने ढूँडता हूँये ग़फ़लत है, ये है मेरा ख़सारा

सहारा दो, सहारा दो, सहारा

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रा

ज़माने को ख़बर क्या, जो ज़ाहिर है वो क्या हैमेरे दिल का फ़साना कहाँ तुझ से छुपा हैन खुल जाए कहीं पर्दा हमारा

सहारा दो, सहारा दो, सहारा

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रा

जनाब-ए-सय्यिदा ! गर सिफ़ारिश आप कर देंमेरी आक़ा सुनेंगे, मेरी झोली भरेंगेभरम रह जाएगा कुछ तो हमारा

सहारा दो, सहारा दो, सहारा

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रा

मेरा कश्कोल भर दें, झुकाए सर खड़ा हूँतेरे दर का गदा हूँ, कहाँ का मैं ज़िया हूँसदा बस्ता रहे तेरा दवारा

सहारा दो, सहारा दो, सहारा

करम कर दो, मेरे आक़ा ! ख़ुदा-रा

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