नात लिरिक्स

Jaanam Fida-e-Haideri Ya Ali Ali Ali (All Versions)

जानम फ़िदा-ए-हैदरी या अली अली अली

नात ख़्वान: ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: सलीम अब्बासउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जानम फ़िदा-ए-हैदरी !या 'अली ! 'अली 'अली !

सुब्ह से शाम तक, हर पहर, हर घड़ीलब पे अपने रहे ना'रा-ए-हैदरी

या'नी ख़ैबर-शिकन, या'नी मुश्किल-कुशाबा'द-ए-यज़्दाँ के है दूसरा आसरा

मैं मुसीबत में अब क्यूँ परेशाँ रहूँग़म के मारों का है तू सहारा, 'अली !

'अली ! मौला 'अली !

रम्ज़-ए-बक़ा-ए-हाशमी !या 'अली ! 'अली 'अली !

जानम फ़िदा-ए-हैदरी !या 'अली ! 'अली 'अली !

है मुहम्मद मेरा दिल तो सीना 'अलीमेरे जीने का वाहिद क़रीना 'अली

दीन-ए-इस्लाम का है नगीना 'अलीहक़ की मंज़िल का पहला है ज़ीना 'अली

दश्त में अब्र का पहला क़तरा 'अलीमेरा मुर्शिद भी, आक़ा भी, मौला 'अली

'अली ! मौला 'अली !

हर-सू सदा-ए-हैदरी !या 'अली ! 'अली 'अली !

जानम फ़िदा-ए-हैदरी !या 'अली ! 'अली 'अली !

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