नात लिरिक्स

Jaam Ulfat Ka Pila Do, Ya Rasool !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !

नात ख़्वान: मुहम्मद ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: उबैद रज़ा (मुहम्मद ओवैस रज़ा क़ादरी)उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

मेरी क़िस्मत को जगा दो, या रसूल !इक झलक अपनी दिखा दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

ख़्वाब में तशरीफ़ ला कर एक बारदीद का शर्बत पिला दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

आ गया बीमार, ए मेरे तबीब !दो शिफ़ा-ए-कामिला दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

'उम्र-भर तेरी सना-ख़्वानी करूँहर रुकावट को हटा दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

वो कभी भी उठ नहीं सकता जिसेतुम निगाहों से गिरा दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

बख़्श देगा हर ख़ता मेरी ख़ुदातुम ज़रा लब को हिला दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

चाँद को उँगली से महद-ए-पाक मेंजिस तरफ़ चाहो झुका दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

सूई मिल जाए अँधेरा भी हो गरतुम जो आ कर मुस्कुरा दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

कर नहीं सकता सना तेरी 'उबैददो सलीक़ा-ए-सना दो, या रसूल !

जाम उल्फ़त का पिला दो, या रसूल !अपना दीवाना बना दो, या रसूल !

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