नात लिरिक्स

Ishq Hai Ham Par Jin Ka Laazim, Moosa Kaazim, Moosa Kaazim

इश्क़ है हम पर जिन का लाज़िम, मूसा काज़िम, मूसा काज़िम

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या इमाम-ए-मूसा-काज़िम !या इमाम-ए-मूसा-काज़िम !

'इश्क़ है हम पर जिन का लाज़िममूसा काज़िम, मूसा काज़िमहम हैं जिन के दर के मुलाज़िममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

'इश्क़ है हम पर जिन का लाज़िममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

आल-ए-नबी से बुग़्ज़-ओ-'अदावतकरने वालों पर हो ला'नतग़र्क़ हुए हैं तेरे शातिममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

'इश्क़ है हम पर जिन का लाज़िममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

जूद-ओ-सख़ा है शान तुम्हारी'अफ़्व-ओ-करम है काम तुम्हाराहम भी रहेंगे साइल दाइममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

'इश्क़ है हम पर जिन का लाज़िममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

जिस का कोई काम रुका होमुश्किल कैसी सर पे कड़ी होआओ, उजागर ! बन कर ख़ादिममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

'इश्क़ है हम पर जिन का लाज़िममूसा काज़िम, मूसा काज़िम

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