नात लिरिक्स

Huzoor Dil Ko Ata Ho Qarar Ab Ke Baras

हुज़ूर दिल को अता हो क़रार अब के बरस

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अहसन क़ादरीशायर: सैफ़ क़ादरी इलाहाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुज़ूर ! दिल को 'अता हो क़रार अब के बरसहुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

इक रोज़ होगा जाना सरकार की गली मेंहोगा वहीं ठिकाना सरकार की गली में

आँखे तो देखने को पहले ही मुज़्तरिब थींदिल भी हुआ रवाना सरकार की गली में

दिल में नबी की यादें, लब पर नबी की ना'तेंजाना तो ऐसे जाना सरकार की गली में

समझेंगे हम, नियाज़ी ! उन की करम-नवाज़ीजिस दिन हुए रवाना सरकार की गली में

हुज़ूर ! मुझ को न मायूस कीजिए लिल्लाहदिखा दें तयबा की मुझ को बहार अब के बरस

हुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

हुज़ूर ! हिज्र-ए-मदीना में दिल तड़पता हैबुला लें तयबा मुझे एक बार अब के बरस

हुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

अगर हुज़ूर ने चाहा तो मुझ सा 'आसी भीमदीने जाएगा दीवाना-वार अब के बरस

हुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

तड़प रहा हूँ मैं अपने वतन में शाम-ओ-सहरबुला लें दर पे, शह-ए-ज़ी-वक़ार ! अब के बरस

हुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

दर-ए-नबी से बुलावा कब आएगा मेरायही है दिल को मेरे इंतिज़ार अब के बरस

हुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

ऐ ताजदार-ए-मदीना ! दिखा दें सैफ़ को भीमदीने-पाक के लैल-ओ-नहार अब के बरस

हुज़ूर ! अपना दिखा दें दयार अब के बरस

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।