नात लिरिक्स

Jidhar Dekhiye Rahmaton Ka Hai Saya | Huzoor Aa Rahe Hain

जिधर देखिए रहमतों का है साया | हुज़ूर आ रहे हैं

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: सैफ़ क़ादरी इलाहाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मरहबा मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा !

उठा के परचम आक़ा काना'रा लगाओ आक़ा कामरहबा मरहबा, या रसूलल्लाह !

हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

जिधर देखिए रहमतों का है सायाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहै ख़ुशियों में डूबा हुआ कुल ज़मानाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !यासीन की आमद ! मरहबा !ताहा की आमद ! मरहबा !

हलीमा ! तुम्हारी ग़रीबी मिटानेतुम्हारा मकाँ रश्क-ए-जन्नत बनानेवो देखो मुक़द्दर जगाने तुम्हाराहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

ज़मीं सज गई है, फ़लक सज गया हैहर इक लब पे सल्ले-'अला की सदा हैलगाते हैं का'बे पे जिब्रील झंडाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

उठा के परचम आक़ा काना'रा लगाओ आक़ा कामरहबा मरहबा, या रसूलल्लाह !

उठो ग़म के मारो ! चलो मुस्कुराओमुसर्रत के तुम शादियाने बजाओयतीमों, ग़रीबों का बन कर सहाराहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !यासीन की आमद ! मरहबा !ताहा की आमद ! मरहबा !

ज़मीं ता-फ़लक आज क्यूँ रौशनी हैजबीं आज का'बे की क्यूँकर झुकी हैफ़रिश्तों ने मिल के ये मुज़्दा सुनायाहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

सभी हूर-ओ-ग़िलमाँ मनाते हैं ख़ुशियाँमु'अत्तर मु'अत्तर है सारा गुलिस्ताँसुना, सैफ़ ! उन की विलादत का नग़्माहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैंहुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं

उठा के परचम आक़ा काना'रा लगाओ आक़ा कामरहबा मरहबा, या रसूलल्लाह !

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