नात लिरिक्स

Hasnain Ka Dilbar Hai Zahra Ka Dulara Hai

हसनैन का दिलबर है ज़हरा का दुलारा है

नात ख़्वान: अक़्सा अब्दुल हक़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मीराँ, मीराँ ! मेरे मीराँ, मीराँ !मीराँ, मीराँ ! मेरे मीराँ, मीराँ !

या ग़ौस ! अल-मदद, या ग़ौस ! अल-मदद

शाह-ए-जीलाँ ! पीर-ए-पीराँ !शाह-ए-जीलाँ ! पीर-ए-पीराँ !

हसनैन का दिलबर है, ज़हरा का दुलारा हैबग़दाद का आक़ा है, जो पीर हमारा है

जो चाहे 'अता कर दो, जब चाहो 'अता कर दोख़ल्क़त भी तुम्हारी है, ख़ालिक़ भी तुम्हारा है

हसनैन का दिलबर है, ज़हरा का दुलारा हैबग़दाद का आक़ा है, जो पीर हमारा है

हर राह मु'अत्तर है, लगता है मदीना हैबग़दाद की गलियों का क्या ख़ूब नज़ारा है

हसनैन का दिलबर है, ज़हरा का दुलारा हैबग़दाद का आक़ा है, जो पीर हमारा है

शैतान लरज़ उठे, दिल काँप उठे जिस सेसौ ना'रों का इक ना'रा, या ग़ौस का ना'रा है

हसनैन का दिलबर है, ज़हरा का दुलारा हैबग़दाद का आक़ा है, जो पीर हमारा है

माँगो तो 'अता करना, ये तौर है दुनिया काबिन माँगे 'अता करना शेवा ही तुम्हारा है

हसनैन का दिलबर है, ज़हरा का दुलारा हैबग़दाद का आक़ा है, जो पीर हमारा है

रुस्वा न हुआ होगा रिज़वाँ कभी दुनिया मेंउस को शह-ए-जीलाँ की निस्बत का सहारा है

हसनैन का दिलबर है, ज़हरा का दुलारा हैबग़दाद का आक़ा है, जो पीर हमारा है

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