नात लिरिक्स

Har Desh Mein Gunjega Ab Ya Rasoolallah

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फ़िदाका, या रसूलल्लाह ! फ़िदाका, या रसूलल्लाह !फ़िदाका, या रसूलल्लाह ! फ़िदाका, या रसूलल्लाह !

लब्बैक ! लब्बैक ! लब्बैक लब्बैक लब्बैक !लब्बैक ! लब्बैक ! लब्बैक लब्बैक लब्बैक !

हम सर पे कफ़न बाँधे मैदान में निकले हैंबातिल के महलों को हम ढाने निकले हैं

हिम्मत है हमें टोको, दम है तो हमें रोकोहम ना'रा-ए-रिसालत को फैलाने निकले हैं

ना'रा-ए-रिसालत ! या रसूलल्लाह !ना'रा-ए-रिसालत ! या रसूलल्लाह !

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर शख़्स पुकारेगा अब या रसूलल्लाह

हम सारी दुनिया में हलचल सी मचा देंगेसरकार के 'आशिक़ हैं, रंग अपना जमा देंगें

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

मीलाद-ए-नबी करना ये ख़ून में शामिल हैइस मिशन की ख़ातिर हम दिन-रात लगा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

सरकार की ना'तों से पुर-जोश हैं दीवानेंमीलाद की महफ़िल में माहौल बना देंगे

सारा जहाँ फ़िदा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा हैहर कोई कह रहा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !लब चूम के बोलो ! मरहबा !ललकार के बोलो ! मरहबा !

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गएनूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गए

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

क्यूँ-कर न मनाएँ हम ! ये सुन्नी सक़ाफ़त हैमीलाद मनाने पर सरकार जज़ा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

सौदा न करेंगे हम, ईमान न बेचेंगेनामूस-ए-रिसालत पर दुनिया को हिला देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

हर नस्ल का ना'रा है, हर क़ौम का ना'रा हैइस ना'रे से लोगों को आपस में मिला देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

इस्लाम जो मज़हब है, पैग़ाम-ए-मोहब्बत हैइस अमन के परचम को हर घर में लगा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

सरकार की 'इज़्ज़त पर मरना है हमें, लोगो !ये वा'दा हमारा है, सब कुछ ही लुटा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

हमने यही ठानी है, मन्नत यही मानी हैइस देश की मिट्टी पर ख़ून अपना बहा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

हैं आल-ए-नबी प्यारे, असहाब सितारे हैंदोनों की मोहब्बत को हर दिल में बसा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

आए हैं उजागर के संग अमजद-ओ-ताहिर भीपैग़ाम-ए-नबी देंगे, अहकाम-ए-ख़ुदा देंगे

हर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाहहर देश में गूँजेगा अब या रसूलल्लाह

बेशक ! वो इंसान नहीं है जो नफ़रत फैलाएवहशी है, वो क़ातिल है जो ख़ून इंसां का बहाए

अमन की आशा, अमन का परचम मुस्लिम का पैग़ाम हैअमन-ए-'आलम, दर्स-ए-मोहब्बत, ये मेरा इस्लाम है

हर-सू फ़िर्क़ा-वारियत की हर दीवार गिराएँगेथाम के अल्लाह की रस्सी को सारे एक हो जाएँगे

अहल-ए-जन्नत का है 'अक़ीदा, बोलो या रसूलल्लाहअहल-ए-मोहब्बत का है ना'रा, बोलो या रसूलल्लाह

जोश-ए-ईमाँ की गर्मी से हर मुस्लिम जागेगापाक-पतन से देखना, यारो ! हर दुश्मन भागेगा

लिखेंगे तारीख़-ए-वफ़ा हम ख़ून से अपने, लोगो !दोहराएँगे कर्ब-ओ-बला हम ख़ून से अपने लोगो

नस-नस में बिजली जागी है, वक़्त-ए-शहादत आयादीन पे हमने कमर बाँधी है, वक़्त-ए-शहादत आया

उन के ग़ुलामों से न उलझो, ये दुनिया में फैल गएगुस्ताख़ों को ख़त्म किया और अपनी जाँ पर खेल गए

जानों का नज़राना ले कर मक़्तल मक़्तल जाएँगेहुरमत-ए-आक़ा पर, ऐ उजागर ! सूली पर चढ़ जाएँगे

लब्बैक ! लब्बैक ! लब्बैक या रसूलल्लाह !लब्बैक ! लब्बैक ! लब्बैक या रसूलल्लाह !

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