नात लिरिक्स

Gali Gali Saj Gai Shahar Shahar Saj Gaya | Jo Amina Ke Laal Ka Milad Karenge (Part 1 | Part 2)

गली गली सज गई शहर शहर सज गया | जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

गली गली सज गई, शहर शहर सज गयाआए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार हैहर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगेजो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !

झंडे लगाओ ! घर को सजाओ !कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ !

सरकार आए ! मरहबा !दिलदार आए ! मरहबा !ग़म-ख़्वार आए ! मेरे लज-पाल आए ! मरहबा !

क्या नूर है, ख़ुश्बू है, उजालों का समाँ हैसरकार के परचम से सजा सारा जहाँ हैचेहरे भी सजे, दिल भी सजे, घर भी सजे हैंजो सज न सका ये तो बता घर वो कहाँ है

गली गली सज गई, शहर शहर सज गयाआए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार हैहर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगेजो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !

ये दिल नबी के ज़िक्र से सरशार बहुत हैमीलाद की महफ़िल से मुझे प्यार बहुत हैवो ख़त्म-ए-रुसुल, उन से मोहब्बत है ज़रूरीबख़्शिश के लिए चाहत-ए-सरकार बहुत है

गली गली सज गई, शहर शहर सज गयाआए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार हैहर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगेजो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !

घर घर नबी का ज़िक्र है, घर घर में चराग़ाँहम जश्न-ए-विलादत पे दिल-ओ-जान से क़ुर्बांतुम हिन्द-ओ-पाक में नहीं दुनिया में देख लोजज़्बे से मनाते हैं ये सदियों से मुसलमाँ

गली गली सज गई, शहर शहर सज गयाआए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार हैहर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगेजो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे !

झंडे लगाओ ! घर को सजाओ !कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ !

सरकार आए ! मरहबा !दिलदार आए ! मरहबा !ग़म-ख़्वार आए ! मेरे लज-पाल आए ! मरहबा !

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