नात लिरिक्स

Gada Ko Baadshaah Ya Baadshaahon Ko Gada Kar De

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

नात ख़्वान: ज़ोहैब अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर देमेरे मालिक ! तू जब चाहे, किसी को क्या से क्या कर दे

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

जिसे तू पकड़ ले उस को छुड़ा सकता नहीं कोईउसे फिर कौन पकड़े, जिस को, मौला ! तू रिहा कर दे

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

कभी कुँवाँ, कभी मंडी, कभी फिर क़ैद में यूसुफ़कभी तू मिस्र का क़ैदी मिसर का बादशा कर दे

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

नुबूव्वत से, रिसालत से नवाज़े यूँ तो बेहद कोमगर ख़त्म-ए-नुबूव्वत मेरे आक़ा को हिबा कर दे

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

कभी तू बादशाहों से मँगाए भीक दर दर कीकभी इक मिस्र का क़ैदी मिस्र का बादशा कर दे

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

मकीनों को, मकानों को, ज़मीनों आसमानों कोतू जब चाहे तो सब कुछ एक लहज़े में फ़ना कर दे

गदा को बादशाह या बादशाहों को गदा कर दे

मेरे मौला की रहमत और 'इनायत देखिए, अरशद !कि मूसा लेने जाएँ आग पैग़म्बरी 'अता कर दे

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