नात लिरिक्स

Eid e Miladunnabi Hai Dil Bada Masroor Hai

ईदे मीलादुन्नबी है दिल बड़ा मसरूर है

शायर: मुहम्मद इलयास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी

ईदे मीलादुन्नबी है दिल बड़ा मसरूर हैहर तरफ है शादमानी, रन्जो-ग़म काफूर है

इस तरफ जो नूर है तो उस तरफ भी नूर हैज़र्रा ज़र्रा सब जहां का नूर से मा'मूर है

हर मलक है शादमां खुश आज हर इक हूर हैहां ! मगर शैतान मअ रु-फक़ा बड़ा रन्जूर है

आमदे सरकार से ज़ुल्मत हुई काफूर हैक्या ज़मीं क्या आसमां हर सम्त छाया नूर है

जश्ने-मीलादुन्नबी है क्यूं न झूमें आज हममुस्कुराती हैं बहारें सब फ़ज़ा पुरनूर है

आमिना तुझ को मुबारक शाह की मीलाद होतेरा आँगन नूर, तेरा घर का घर सब नूर है

ग़मज़दो ! तुम को मुबारक, ग़म ग़लत हो जाएंगेआ गया वो जिस के सदक़े हर बला काफूर है

आज दीवाने मदीने के सभी हैं शादमांमीठे आक़ा की विलादत से हर इक मसरूर है

वो पिला मय अहले-महशर देखते ही बोल उठेंआ गया अत्तार देखो इश्क़ में मख़्मूर है

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