नात लिरिक्स

Duniya Nabi Nabi Bole | Qalam Uthaun To Misra Nabi Nabi Bole

दुनिया नबी नबी बोले | क़लम उठाऊँ तो मिस्रा नबी नबी बोले

नात ख़्वान: अदनान प्रतापगढ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क़लम उठाऊँ तो मिस्रा' नबी नबी बोलेपढ़ूँ जो ना'त तो दुनिया नबी नबी बोले

दु'आ हुज़ूर जो बंजर ज़मीं पे फ़रमा देंज़मीं को चीर के पौधा नबी नबी बोले

क़सम ख़ुदा की, वो जिस सिम्त से गुज़र जाएँक़दम को चूम के रस्ता नबी नबी बोले

सुलगती रेत पर, हर ज़ुल्म और सितम सह करबिलाल मेरे नबी का नबी नबी बोले

फ़क़त हुज़ूर के, ऐसा नहीं कोई जिस कोबुला के 'अर्श पे मौला नबी नबी बोले

अमीर हम्ज़ा चचा भी उहुद के मैदाँ मेंलुटा के अपना कलेजा नबी नबी बोले

नबी के नाम का ना'रा लगा के महफ़िल मेंनबी का चाहने वाला नबी नबी बोले

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