नात लिरिक्स

Betalab Bheek Yahan Milti Hai Aate Jate | Ye Wo Dar Hai Jahan Dil Nahin Tode Jate

बे-तलब भीक यहाँ मिलती है आते जाते | ये वो दर है कि जहाँ दिल नहीं तोड़े जाते

नात ख़्वान: सय्यिद अल्ताफ़ शाह काज़मीशायर: सय्यिद अल्ताफ़ शाह काज़मीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बे-तलब भीक यहाँ मिलती है आते जातेये वो दर है कि जहाँ दिल नहीं तोड़े जाते

ये है आक़ा की 'इनायत, वो करम करते हैंवर्ना हम जैसे कहाँ दर पे बुलाए जाते

वो मेरे दिल के धड़कने की सदा सुनते हैंइस लिए लफ़्ज़ ज़ुबाँ पर नहीं लाए जाते

उन की दहलीज़ के मँगते हैं, बड़ी मौज में हैंहम से अग़्यार के टुकड़े नहीं खाए जाते

ये तो सरकार की रहमत ने हमें थाम लियावर्ना दर दर पे यूँही ठोकरें खाए जाते

वो निक़ाब-ए-रुख़-ए-रौशन जो उठाते जातेमेरी बिगड़ी हुई तक़दीर बनाते जाते

काश ! अपना भी मदीने में कोई घर होतादेखते रौज़ा-ए-सरकार को आते जाते

शहर-ए-सरकार की हम ख़ाक के ज़र्रे होतेआप की राह में बिखरे हुए पाए जाते

अपना मदफ़न भी मुक़द्दर से जो बन जाता बक़ी'हश्र में आप के क़दमों से उठाए जाते

क़ाफ़िले वालो ! ज़रा ठहरो, मैं आता हूँ अभीएक और ना'त सुना लूँ उन्हें जाते जाते

शम्मा'-ए-दीन न इस शान से रौशन होतीख़ून-ए-असग़र से न गर दीप जलाए जाते

हम कहाँ होते, कहाँ होती ये महफ़िल, अल्ताफ़ !ख़ाक-ए-कर्बल पे अगर सर न कटाए जाते

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