नात लिरिक्स

Barah Rabi-ul-Awwal Ke Din Abr-e-Baharan Chhaye | Mere Sarkar Aaye

बारह रबी-उल-अव्वल के दिन अब्र-ए-बहाराँ छाए | मेरे सरकार आए

नात ख़्वान: साबरी ब्रदर्सउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बारह रबी-'उल-अव्वल के दिन अब्र-ए-बहाराँ छाएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आएआमिना तेरे घर आ कर जिब्रील पयाम ये लाएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आए

दूर हुआ दुनिया से अँधेरा, आए आक़ा हुआ सवेराअब्दुल्लाह के घर-आँगन ख़ुशियों के बादल छाएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आए

सूखी थी गुलशन में कलियाँ, सूनी थी मक्के की गलियाँउन के क़दम से चारों जानिब हो गए नूर के साएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आए

मुश्किल तेरी टल जाएगी, सूखी खेती फल जाएगीदाई हलीमा तेरे सोए भाग जगाने आएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आए

जो हैं सब नबियों के सरवर, जान-ए-मसीहा ख़ल्क़ के रहबरझोली भरना काम है जिन का, आज वो दाता आएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आए

मुझ को मिला पैग़ाम ये, मोहसिन ! दुनिया को बतला दो, मोहसिन !जो है नबी का चाहने वाला अपने घर को सजाएमेरे सरकार आए, मेरे सरकार आए

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