नात लिरिक्स

Bahar Se Theek Thaak Hun Main Par Mere Huzoor

बाहर से ठीक ठाक हूँ मैं पर मेरे हुज़ूर

नात ख़्वान: मुनीब क़ुरैशीशायर: दानिश एजाज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बाहर से ठीक-ठाक हूँ मैं पर, मेरे हुज़ूर !कुछ टूट-फूट है मेरे अंदर, मेरे हुज़ूर !

मैं ग़म-ज़दा हूँ, मेरी तरफ़ मुस्कुराइएमैं गिर रहा हूँ थाम लें आ कर, मेरे हुज़ूर !

अल्लाह ! मेरी शिकस्ता-दिली बरक़रार रखआते हैं याद पहले से बढ़ कर मेरे हुज़ूर

दस्त-ए-तलब को चाहे तू ना भी दराज़ करदे देंगे भीक ख़ुद ही बुला कर मेरे हुज़ूर

या रसूलल्लाह !

इक निगाह-ए-करम आप की चाहिएइन अँधेरों को फिर रौशनी चाहिए

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